बाबा तेरी चाकरी मन्ने

-रोशनस्वामी"तुलसी"
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

अरे धन दौलत की नही जरूरत जिब तूँ मेरे सागे सै,

बाबा तेरी चाकरी मन्ने,ठाकरी सी लागे सै,

पहलां जिब मैं आई सालासर ,देख्या खुब नजारा था,

देख्या तेरा रूप सलूणा, मन म खुब विचारा था,

इब बनया तेरे ते प्रेम ईसा,पिछान पुरानी लागे सै,

दुनिया की मन्ने करी चाकरी,पर ना कोय बात बनी,

एक मनाऊँ दुसरा रूसे,या के मेरे गेल्याँ बनी,

इब नही जरूरत मन्ने किसे की,मेरा मन तेरेै ते लागे सै,

देख क मेरे ठाठ निराले,सबके मन म आवे सै,

के मिलग्या रे तन्ने सुनीता,जो तू इतना गावे सै,

तुलसी बोल्या तेरा सुत्या,भाग अड़े ही जागे सै,

लेखक:-रोशनस्वामी"तुलसी"

9887339360-9610473172

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।