मेरा पीहर खाटु धाम

-रोशनस्वामी"तुलसी"
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम बाबा श्याम मेरा पीहर खाटु धाम

श्याम बाबा श्याम मेरा पीहर खाटु धाम

पाया है हर रिश्ता,मैंने तो तेरे दरबार

प्यार मिला अपनी पीहर का,इतना तेरा उपकार

मईया का रूप देखा,सूरत में तेरी

ममता निराली देखी,आंखों में तेरी

देख लिया है तुझमे,माँ का स्वरूप साकार

प्यार मिला अपनी पीहर का,इतना तेरा उपकार

बाबा का प्यार मैंने,पाया है वैसे

रखता ख्याल मेरा,परियां के जैसे

करता मुझसे तू तो,बाबुल के जैसा दुलार

प्यार मिला अपनी पीहर का,इतना तेरा उपकार

भईया का रूप बनकर,साथ निभाया

जब भी बुलाई हुँ,दौड़ा चला आया

मेरे हर सुख दुःख का,बना है सांझेदार

प्यार मिला अपनी पीहर का,इतना तेरा उपकार

बहना के जैसे,हर बात समझाए

हो जाये गलती गर,प्यार से बताए

पल पल मुझे संभाले,रखता चिंता हर बार

प्यार मिला अपनी पीहर का,इतना तेरा उपकार

सखियों के जैसे,पाये प्रेमी ये तेरे

पीहर मे जो था मिला,खाटु में तेरे

रोशन मेरी बगिया,श्याम रखे गुलजार

प्यार मिला अपनी पीहर का,इतना तेरा उपकार

लेखक:-रोशनस्वामी"तुलसी"

9887339360-961473172

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।