जय जय माँ दन्तेश्वरी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन दुर्गा भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जय जय माँ दन्तेश्वरी मैया जी तेरी महिमा बड़ी,

नैया हमारी पार करो माँ कब से मझधार खड़ी-खड़ी-खड़ी,

दर पे तुम्हारे मैया भगत तुम्हारे,

आते हैं माँ सब तेरे सहारे ,

संकट उनकी हरी हो माई,

जिनपे विपद पड़ी-पड़ीं-पड़ी...जय जय माँ दन्तेश्वरी ,

करो स्वीकार ओंकार की भेंटे,

तुम हो माता हम तेरे बेटे ,

प्रेम का धागा प्रेम की माला,

प्रेम की है ये लड़ी-लड़ी-लड़ी...जय जय माँ दन्तेश्वरी,

संकलन-गिरधर महाराज

भाटापारा छत्तीसगढ़

मो.9300043737

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।