तेरे ही भरोसे यारा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरे ही भरोसे यारा मेरा चल रहा गुजारा,

एह श्याम मुरली वाले आज रे दिल पुकारा,

तेरे ही भरोसे यारा मेरा चल रहा गुजारा.....

सहारा यु ही कोई बनता नहीं बिन सहारे कोई सवरता नहीं,

मिला साथ जो तुम्हारा हो तू जो बन गया हमारा,

जादू तेरा इशारा मेरा बन गया सितारा,

एह श्याम मुरली वाले आज रे दिल पुकारा,

तेरे ही भरोसे यारा मेरा चल रहा गुजारा.....

बिन तुम्हरे बांसुरी बजे कैसे प्रेम की प्यास है भुजे कैसे,

मथुरा हो या गोकुल चाहे द्वारिका विराजो,

तुझे तेरा धाम प्यारा मुझे तेरा नाम प्यारा,

एह श्याम मुरली वाले आज रे दिल पुकारा,

तेरे ही भरोसे यारा मेरा चल रहा गुजारा.....

झूठी है दुनिया सच तेरी माया है,

आदमी परदेशी दो चार दिन को आया है,

धन माल की ये डेरी मेरी ज़िंदगी न मेरी,

लेहरी ये सब नजारा कोई खेल है तुम्हरा,

एह श्याम मुरली वाले आज रे दिल पुकारा,

तेरे ही भरोसे यारा मेरा चल रहा गुजारा.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।