ओ बोलो औघड़ नाथ बम बम,

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले तेरी काँवर की है महिमा अपार,

जो श्रदा से लाया हुआ उसका बेडा पार,

ओ बोलो औघड़ नाथ बम बम,

इक दुखियाँ वेचारी फिरती थी मारी मारी,

उसे दुनिया ने ठुकराया जीवन से अपने हारी,

एक भक्त राज से भेट हुई उसने दुखियाँ को समजाया,

सावन की कांवड़ महिमा का महातम उसको बतलाया,

शिव जी होते है मस्त मलंग ये रूप भी उसको दिखलाया,

ओ बोलो औघड़ नाथ बम बम,

सुनके शिव की महिमा उस अबला ने ये ठान लिया,

मैं कांवड़ लेकर जाऊ गी उस पर उसने संकल्प लिया

ले कॉंवड शिव क्व धाम गई दुखड़ा उसको बतलाया,

भक्ति से उसकी हो प्रश्न बाबा ने उसको दर्श दियां,

संसार आसार है सार नहीं ये सार ही उसको समजाया,

ओ बोलो औघड़ नाथ बम बम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।