आया आया सन्देश भोले के घर से

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

लेकर कावर निकल अपने घर से,

आया आया सन्देश भोले के दर से,

वोज उतरे गा पापो का सिर से,

आया आया सन्देश भोले के घर से

घोते गंगा में लगा कांवरियां,

फिर कावरिये उठा कांवड़ियाँ,

चल तू अब क्यों थमा है कांवरियां,

सब की किस्मत में नहीं होता है कांवर लाना,

गंगा मियां को यु अपने घर लाना

थामले बस जरा सा सबर से,

आया आया सन्देश भोले के घर से ....

शिव को गंगा से जो मिलाये गा,

शिव का आशीष वो पायेगा,

भकत भोले का वो कहलाये गा,

भोला हर साल उसे भुलाये गा,

शिव के दीवानो में लिखवा ले नाम कावरियां,

पीले शिव शम्भू की भक्ति के जाम कांवड़ियाँ,

मांगो मत कुछ इधर से उधर से,

आया आया सन्देश भोले के घर से

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।