कावड़ियों ने हरिद्वार में धूम मचाई रे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

कावड़ियों ने हरिद्वार में धूम मचाई रे,

मेरे फ़ोन पे शिव शंकर की काल आई रे,

सावन का महीना आया है मेला भगतो का छाया है,

तू भी जल्दी आजा क्यों देर लगाई रे,

मेरे फ़ोन पे शिव शंकर की काल आई रे,

सजधज का कावडिया धोल रहे बम बम भोले बोल रहे,

जिसको देखो उसने कावड़ उठाई रे,

मेरे फ़ोन पे शिव शंकर की काल आई रे,

सब पाप तेरे कट जायेगे गम के बादल छट जायेगे,

हरिद्वार में भोले ने किरपा बरसाई रे,

मेरे फ़ोन पे शिव शंकर की काल आई रे,

जो कुछ है मन में बतला ले,

भोले से सब हल करवाले,

शर्मा बोल कौन सी तुज्को चिंता खाई रे,

मेरे फ़ोन पे शिव शंकर की काल आई रे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।