गुणगान तेरा यश गान तेरा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

गुणगान तेरा यश गान तेरा,

गाती हुई ये फ़ज़ाए,

रंगो रंगीला सूंदर सजीला हर कोई मिलने को चाहे,

प्यारा तू प्यारा सबका सहारा दिल से ये आवाज आये,

तुमसे ना कोई देखा ना कोई श्याम प्रभु मेरे बाबा,

महका महका चेखा चेखा प्यारा ये दरबार,

देखु देखु तुझको देखु कई कई बार,

हमसे जुदा तू हम पे फ़िदा तू,

मिलता है जो कुछ चाहे,

खुद ही भुलाये गले से लगाए ,

बैठा तू है फैला के बाहे,

दुनिया में कोई ना तुमसे है कोई धरकन मेरी गुण गुनाये,

गुलशन भी फीका जिसने भी देखा देखा तुझे मुस्कुराता,

महका महका चेखा चेखा प्यारा ये दरबार,

देखु देखु तुझको देखु कई कई बार,

खुशियों का मेला न कोई अकेला,

सपने सभी के सजोये,

रिश्तो का धागा भुनता तू बाबा,

माला के मोती पिरोये

मुस्काये ऐसे सागर में जैसे खिलता कमल प्यारा प्यारा,

नैनो के जादू लेहरी लुटा दू खुद को मैं बोलू का जयदा,

महका महका चेखा चेखा प्यारा ये दरबार,

देखु देखु तुझको देखु कई कई बार,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।