इसे तो बस राम चाहिए

श्री विजय जी सोनी
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

नाच नाच के रिझाये सियाराम को मनाए,

इसे भाये नहीं दूजा काम...इसे तो बस राम चाहिए ।

इसे राम मिल जाये,आराम मिल जाये,

ये तो रटते हैं सुबहो शाम...इसे तो बस राम चाहिए ॥

बाबा के लिए राम नाम अनमोल है,

दुनिया मे नहीं कोई इसका मोल ।

इसे राम मिल जाये,तकदीर खुल जाए,

वो तो बोले राम नाम बार बार...इसे तो बस राम चाहिए ॥

बजरंगी तो बस राम का दीवाना,

उसके लिए तो बस यही है खजाना ।

इसे भक्त वही भाई,जो राम गुण गाए,

जहां राम है वही है हनुमान...इसे तो बस राम चाहिए ॥

मणियों की माला इसे रास नहीं आई,

ढूंढता रहा उसमे राम सिया माई ।

सियाराम को बताया सीना चीर के दिखाया,

ये है भक्तों में भक्त महान...इसे तो बस राम चाहिए ॥

स्वर-श्री विजय जी सोनी

संकलन-गिरधर महाराज

भाटापारा,छत्तीसगढ़

मो.9300043737

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।