मेरे पाँव पड़ गए छाले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सुन ले रे भोले भाले मेरे पाँव पड़ गए छाले,

मेरा दिल गबराता है अब लेले मेरी खबरियां मुझे चैन आता है,

सुन ले रे भोले भाले ....

सब भगतो ने है मिल कर तेरी कावड़ उठाई है,

तूने लेले सब की खबरियां मन क्यों बहलाता है,

अब लेले मेरी खबरियां मुझे चैन आता है,

सुन ले रे भोले भाले ....

आ जाके अब तो पाँव में शाले भी पड़ गये,

तू भगतो का रखवाला सब खेल दिखता है,

अब लेले मेरी खबरियां मुझे चैन आता है,

सुन ले रे भोले भाले ....

तेरे जीतू ने है भोले तेरी महिमा गाई है,

तेरे भक्तो ने है भोले तेरी महिमा गाई है,

तेरा देखा रूप निराला तुझे कहते डमरू वाला मुझे विपदा से उठा ता है,

अब लेले मेरी खबरियां मुझे चैन आता है,

सुन ले रे भोले भाले ....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।