नाचे भोला हर हर हर हर बम

लखबीर सिंह लक्खा
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

डमक डमक डमरू हे वाजे चन्द्रमा मस्तक पर साजे,

नाचे भोला हर हर हर हर बम ,

गले में पड़ी सर्प की माला,

हाथ तिरशूल कान में बाला,

नाचे भोला हर हर हर हर बम ,

बन कर नटराज सदा शिव अध्भुत कला दिखाये,

डम डम डमरू बजे हाथ में ताल से ताल दिखाये ,

खा के भांग का गोला जता भिखरा के भोला,

नाचे भोला हर हर हर हर बम ,

देख के रूप अनोखा शिव का गोरा मन हर्षाये,

नव मंडल में देवी देवता शिव पे फूल बरसाए,

है कैलाश पे अज़ाब नजारे भाजे ढोलक साज नगाड़े,

नाचे भोला हर हर हर हर बम ,

जैसे जैसे चरण थिरक ते मन होता मत वला,

लिख जाता है लखा महिमा भोले देव निराला,

मग्न मन भक्तो का टोला झूमे के गिरी है ये बोला,

नाचे भोला हर हर हर हर बम ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।