भोले तेरा रंग चढ़ गया शान से

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले तेरा रंग चढ़ गया शान से,

मैं घोटु तेरी भांग तू पीले आराम से,

भांग तेरी का चरचा सारे जहां में,

मैं लाया देसी भांग तू पी ले आराम से,

कैलाश पति तू उमा पति से तीन लोक का राजा रे,

गोरा माँ का पति देव तेरे गणपत गोद विराजे रे ,

जता में गंगा माथे चंदा तेरी शान रे,

मैं घोटु तेरी भांग तू पीले आराम से,

रावण को लंका दे डाली आप वसे वीराने में,

अपने तन में भस्म रमई सबको भरे खजाने से,

सब देवो में चरचा तेरा शरेआम से,

मैं घोटु तेरी भांग तू पी ले आराम से,

हरिद्वार में और नील कंठ में बम बम भोले की होली रे,

चहल दीवाना भी भोले भीम लिखता महिमा तेरी रे,

नाम तेरे का डंका भाजे चारो धाम में ,

मैं घोटु तेरी भांग तू पी ले आराम से,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।