चारों ललना प्रकट भये आज अवध में लडुआ बटें

पं पूज्य श्री अशोक कृष्ण ठाकुर जी
श्री कृष्ण भजन राम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

चारों ललना प्रकट भये आज, अवध में लडुआ बटें,

अरे झीनो झीनो उडत गुलाल अवध में लडुआ बटें ,

मुतियन चौक पुराओ सारी बहना,

परदा लगाओ लडीदार,

अवध में लडुआ बटें,

गैया के दूध की खीर बनाओ,

और ब्राह्मण जिमाओ, हजार,

अवध में लडुआ बटें ,

स्वर - पं पूज्य श्री अशोक कृष्ण ठाकुर जी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।