डुबदे नू तारदी

पारंपरिक
हनुमान जी गुरु वाणी हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

हर डूबदे नू तारदी ए तेरे नाम दी माला,

सबदे कष्ट निवारदी ए तेरे नाम दी माला,

इक दो नहीं तेरे हाथ करोड़ा,

करो जो पूरियां सब दीया लोडा ,

बिगडे काज संवारदी ए तेरे नाम दी माला,

हर डूबदे नू तारदी ए तेरे नाम दी माला ,

सवासां दी जदो माला फिरदी ,

दु:ख मिटदे सुख शांति मिलदी ,

नफरत दी अग ठारदी ए, तेरे नाम दी माला,

हर डूबदे नू तारदी तेरे नाम दी माला,

तेरे लगन दी लान जदो मेहंदी

ओहना दे घर विपदा टिकी न रहंदी

गम दा बोझ उतारदी ए तेरे नाम दी माला,

हर डूबदे नू तारदी तेरे नाम दी माला,

विष विच अमृत है भर दिंदी,

दोषियां नू निदो्ष कर दिंदी ,

मन दी चिंता मारदी ए तेरे नाम दी माला,

हर डूबदे नू तारदी ए तेरे नाम दी माला,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।