म्हारे काग आंगने

पारंपरिक
श्री राम भजन गुरुदेव भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

म्हारे काग आंगणे बोले हेली , गुरु मिलण की आस,

गुरु मिलण की आस , म्हारे राम मिलण आस,

म्हारे काग आंगणे......

इंदर अखाड़े आया हेली , बादल घटा छाया,

जैसे मेरा सतगुरु आया , बिजली के प्रकाश,

म्हारे काग आंगणे.....

झरमर मियो बरसे , यू सबको जीवड़ो हर्षे,

ज्ञानी जीव तो सतगुरु परसे , मूर्ख फिरे उदास,

म्हारे काग आंगणे......

सतगुरु शब्द सुनावे हेली , समज्या सेन लिखावे,

ज्याका जन्म मरण मिट जावे जी , रहे गुरु का दास,

म्हारे काग आंगणे......

गोकुल स्वामी सतगुरु दाता , गणी करू अरदास,

लादूदास दर्शन मन भावे जी , चरण कमल में वास,

म्हारे काग आंगणे.......

प्रजापति म्यूजिकल ग्रुप भीलवाड़ा (राज.) 89479-15979

( चम्पा लाल प्रजापति )

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।