आयो रसिया मोर बन आयो रसिया

अशोक कृष्ण ठाकुर जी
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आयो रसिया मोर बन आयो रसिया,

बरसाने की मोर कुटी पे मोर बन आयो रसिया॥

एक दिन बोली राधा प्यारी,

दो दिन से नाए मिले मुरारी,

बिना श्याम सुन्दर दर्शन के प्यासी अखियाँ,

मोरा बन गये मदन मुरारी,

ऐसो नृत्य कियो गिरधारी,

या छवि ऊपर मोहित है गयी बृज की सखियाँ,

कान्हा नाचे छम छम छननन,

पायल बज रही झुन झुन झुनन,

अशोक शर्मा संग ग्वालों के नाचे सखियाँ,

स्वर - अशोक कृष्ण ठाकुर जी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।