नौकर रख ले साँवरे हमको भी एक बार

पूज्य श्री अशोक कृष्ण ठाकुर जी
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नौकर रख ले साँवरे, हमको भी एक बार

बस इतनी तन्वखा देना, मेरा सुखी रहे परिवार ।

तेरे काबिल नही हूं बाबा फिर भी काम चला लेना,

जैसा भी हूँ तेरा ही हूँ, गुण अवगुण बिसरा देना,

जो तेरी कृपा होगी, मेरा सुधरेगा संसार,

नौकर रखले साँवरे हमको भी एक बार....

सेठों के तुम सेठ साँवरे, मेरी क्या औकात है,

तेरी सेवा मिल जाये, यह तो किस्मत की बात है,

मानूँगा तेरा कहना, करता हूँ ये इकरार,

नौकर रख ले साँवरे हमको भी एक बार....

थोड़ी सी माया देकर के, हमको न बहलाओ जी,

आज खड़े हैं, सामने तेरे कोई हुक्म सुनाओ जी,

रोमी की इस अर्जी पर प्रभु न करना इन्कार,

नौकर रखले साँवरे हमको भी एक बार....

भजन - नौकर रख ले साँवरे हमको भी एक बार

स्वर - पूज्य श्री अशोक कृष्ण ठाकुर जी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।