लांगुरिया मुझे माँ से मिला दे

नरेन्द्र चंचल
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

लांगुरिया मुझे माँ से मिला दे,

माँ से मिला दे दर्शन करा दे,

लांगुरिया मुझे माँ से मिला दे,

कैला मैया मेरी है भोली भाली,

सारे जगत की है भोली भाली,

विनती मेरी भोली माँ को बता दे,

लांगुरिया मुझे माँ से मिला दे..

करोली में मैया ने डेरा लगाया,

भगतो ने माँ का सिंगासन सजाया,

हाज़िर हु मैं मेरी हजारी लगा दे,

लांगुरिया मुझे माँ से मिला दे...........

तेरे लिए कोई मुश्किल नही है,

जानता हु मैं कैला मैया यही है,

मेरा भी सोया मुकदर जगा दे,

लांगुरिया मुझे माँ से मिला दे

लांगुरिया तू है चंचल रंगीला,

मुझे भी दिखा दे माँ केला की रंगीला,

तू भी नाच लांगुर और सबको नचा दे,

लांगुरिया मुझे माँ से मिला दे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।