करुणा बरसती जहां सुबहो शाम

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन रानी सती दादी भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

चलो रे भक्तों तुम दादी के द्वार दादी ने दर पे बुलाया है,

जय भवानी भवानी जय भवानी जय अंबे...।

करुणा बरसती जहां सुबहो शाम दादी ने दर पर बुलाया है,

जय दादी की दादी की जय दादी की जय अंबे...॥

दादी के दर पर जो भी गया दादी ने कर दी उसपे दया,

खुशियों का संसार उसको मिला हर रोज मिलता है जीवन नया ।

मां के चरणों में झुकता संसार...दादी ने घर पर बुलाया है ।।

दादी के मंदिर में जो जाएगा जो कुछ भी मांगे मिल जाएगा,

मैया मेरी है झुंझुनू वाली भक्तों के संकट हरने वाली ।

भरती झोलियां जहां आठों याम...दादी ने घर पर बुलाया है ॥

माया की नगरी को छोड़ प्यारे रिश्ता तू दादी से जोड़ प्यारे,

दादी का गुणगान जो गाएगा ‘‘गिरधर’’ कृपया उनकी पाएगा ।

ब्रह्मा विष्णु भी करते प्रणाम...दादी ने घर पर बुलाया है ॥

रचना एवं स्वर:

गिरधर महाराज,भाटापारा छत्तीसगढ़

मो.9300043737

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।