खाना खाओ गे या दम लगाओ गे,

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शिव जी ने कहा आना बारात तुम सजाना,

भूतो जरा बतलाना पहले खाना खाओ गे या दम लगाओ गे,

जाना तुम्हे इनकी नगरियां,

जयदा पियो गे तो भूलो डगरियाँ,

भूले नहीं सारी उमरियाँ,

व्याहना है गोरा रानी को भोले की उस दीवानी को,

ओ मोटू लड्डू न चुराना,

बड़े दांत न दिखलाना,

भूतो जरा बतलाना पहले खाना खाओ गे या दम लगाओ गे,

अंधे चले लंग डे चले कोई सिर गंजा,

किसका मुँह टेड़ा मेडा आँख का कंजा,

कोई बिलकुल भूखा नंगा,

बाराती सारे निराले है,

आधे गोर आधे काले है,

गंजे को सब बचाना कोई टोटा न लगाना

भूतो जरा बतलाना पहले खाना खाओ गे या दम लगाओ गे,

लूले तू लंगड़े के साथ चले गा,

हसी आये गी ना कोई हसे गा,

कोई पीछे न कोई साथ रहे गा,

भोले के सारे दीवाने है,

ओगड़ दानी बोले भाले है,

हकले ने गाया गाना बेहरा हुआ दीवाना,

भूतो जरा बतलाना पहले खाना खाओ गे या दम लगाओ गे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।