दी जे पर बम बम बाजे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

दी जे पर बम बम बाजे,

भोले दी जे पर नाचे पिके भांग मस्ती में,

कावड़ियाँ बम बम तू भी बोल झुमके आज मस्ती में,

गली गली में दी जे पर भोले का सोंग बजा रे बजा,

कही पे कावड़ डाल कही पे भोले मेरा अकेला चला रे,

भोले की मस्ती छाई सब ने ही कावड़ उठाई,

कावड़िया से भर गये सारे रोड,

कावड़ियाँ बम बम तू भी बोल झुमके आज मस्ती में,

भोला जु मैं भोली जु मैं जु में भगाचार हॉवे,

शिव शंकर डमरू वाले का स्वान में बड़ा जोर है,

यु पि हो चाहे दिल्ली यूमे भगतो की टोली,

कावड़ियाँ बम बम तू भी बोल झुमके आज मस्ती में,

भर भर कर जल हरिद्वार से,

कावड़ियाँ सब लावे भोले के पिंडी पर भोला भोली मिल कर चढ़ावे,

भोले की महिमा गा लो शर्मा जल मन से चढ़ा लो,

कावड़ियाँ बम बम तू भी बोल झुमके आज मस्ती में,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।