सिर पे हाथ है तेरा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरी आँखों में आंसू को तू आने ही नहीं देता,

मैं रोना भी जो चाहु तो तू रोने भी नहीं देता,

जो सिर पे हाथ है तेरा मैं तूफ़ान से नहीं डरता,

मैं डरना भी चाहु तो तू डरने भी नहीं देता,

मेरी आँखों में आंसू को तू आने ही नहीं देता,

ख़ुशी क्या होती है बाबा ये तो हम भूल बैठे थे,

तू रूठा हम से शायद था हमे सब लोग कहते थे,

मगर अपना तू जिसको कहे वो जहा की नहीं सुनता,

वो सुन न भी जो चाहे तो सुन ने ही नहीं देता,

मेरी आँखों में आंसू को तू आने ही नहीं देता,

तू पाले मुझको सांवरियां जैसे कोई बाप बच्चे को.

समबाले ऐसे सांवरियां जैसे कोई दादा पोते को,

उठाये उंगली कैसे भला जब तू मेरे साथ रहता है,

उठाना भी जो चाहे जो उठाने ही नहीं देता,

मेरी आँखों में आंसू को तू आने ही नहीं देता,

तेरे दम से ही सांवरियां मेरी हर सांसे चलती है,

तू करता माफ़ हर एक बार होती जब मुझसे गलती है.,

बनु गा मैं बुरा कैसे जो संग में तू खड़ा मेरे ,

बुरा बना न भी चाहु तो तू बनने ही नहीं देता,

मेरी आँखों में आंसू को तू आने ही नहीं देता,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।