बांह थामो मेरी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बाँह थामो मेरी हे कन्हईया,

बीच मंझधार में हम खड़े हैं।

हो दयालु बड़े तुम हे मोहन,

कष्ट मेरे हरो आज गिरधर,

अब तेरा ही सहारा है हमको,

राह दूजी ना देती दिखाई।

तुम कृपालू बड़े हो हे माधव,

दीन पर भी दया आज कर दो,

बाँह थामो मेरी हे.....

ज़िंदगी का भरोसा ना पल का,

बस तेरे नाम का आसरा है।

सुध तुम्हारी ना भूले कभी अब,

सिर्फ़ इतनी कृपा हम पे कर दो,

बाँह थामो मेरी हे....

।इति श्रीगोविंदअर्पणामस्तू।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।