कन्हैया किसको कहेगा तू मैया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कन्हैया किसको कहेगा तू मैया ।

एक ने तुझको जनम दिया रे एक ने तुझको पाला ॥

मरने के डर से भेज दिया घर से देवकी ने गोकुल में,

बिना दिए जन्म यशोदा बनी माता तुझ को छिपाया आंचल में ।

एक ने तुझको जीवन दिया रे एक न जीवन संवारा...कन्हैया ॥

मानी मनताएँ और देवी देव पूजे पीर सही देवकी ने,

गोद मे खिलाने का दूध मे नहलाने का सुख पाया यशोदा जी ने ।

एक ने तुझको दी है रे आँखें,एक ने दिया उजाला... कन्हैया ।।

जनम दिया हो चाहे पाला हो किसी ने भेद ये ममता न जाने,

कोई भी हो जिसने दिया हो प्यार माँ का मन तो माँ उसी को माने ।

एक ने तुझको जीवन दिया रे एक न जीवन संवारा...कन्हैया ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।