एक फकीरा आया शिर्डी गाँव मे

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

एक फकीरा आया शिर्डी गाँव मे

एक फकीरा आया शिर्डी गाँव मे -२

आ बैठाएक नीम की ठंडी छाव मे-२

कभी अल्लाह अल्लाह बोले कभी राम नाम गुण गाये

कोई कहे संत लगता है कोई पीर फ़क़ीर बताये

कभी अल्लाह अल्लाह बोले कभी राम नाम गुण गाये

कोई कहे संत लगता है कोई पीर फ़क़ीर बताये

जाने किस से बाते करे हवाओ मे

आ बैठाएक नीम की ठंडी छाव मे

एक फकीरा आया शिर्डी गाँव मे

आ बैठाएक नीम की ठंडी छाव मे

है कौन कोई ना जाने कोई उसको ना पहचाने

चोल फ़क़ीर का पहना देखो जग के दाता ने

है कौन कोई ना जाने कोई उसको ना पहचाने

चोल फ़क़ीर का पहना देखो जग के दाता ने

देखो सबकी मांगे खैर दुआओ मे

आ बैठाएक नीम की ठंडी छाव मे

एक फकीरा आया शिर्डी गाँव मे

आ बैठाएक नीम की ठंडी छाव मे

वो जिसको हाथ लगे उसका सब दुःख मिट जाए

वो दे दे जिसे विभूति हर ख़ुशी उससे मिल जाए

कांटे चुग कर फूल बिछाये रह मे

आ बैठाएक नीम की ठंडी छाव मे

एक फकीरा आया शिर्डी गाँव मे

आ बैठाएक नीम की ठंडी छाव मे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।