मुझे नीँद भी ना आए

बाबा रसिका पागल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मुझे नींद भी ना आये आये हाय हाय,

मुझे चैन भी ना आये आये हाय हाय,

घडी जीवन की बीती जाये जाये जाये,

हाय मुझे नींद भी ना आये....

बिन दर्शन के सुना जीवन सुना है ये तन मन,

ढूंढ चूका सारा ब्रिज मंडल गोवर्धन वृन्दावन,

तेरे दर्शन को नैना ललचाये आये हाय हाय,

मुझे नीँद भी ना आए....

बिन पानी के मश्ली तड़पे यु तड़पे मन मेरा,

बिन दर्शन के छाया इस दुनिया में गोर अँधेरा,

नैना सावन से नेहा बरसाए आये हाय हाय,

मुझे नीँद भी ना आए........

कहा मिलु तुमसे मन मोहन गुडा सभी ज़माना,

किसे पुछु कौन बताये तेरा पता ठिकाना,

रात दिन याद तेरी सिताये आये हाय हाय,

मुझे नीँद भी ना आए.....

जबसे तेरे संग प्रीत लगी है चैन नींद तो खोये,

बिरख रहा है प्यार तुम्हारा तड़प तड़प दिल रोये,

तेरे पागल को कौन समजाये आये हाय हाय,

मुझे नीँद भी ना आए

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।