समशानो में डेरा डालें

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

समशानो में डेरा डालें फिर भी सारे जग को पाले,

खुद पीते पर सब को सम्बाले बम भोले बम बम भोले,

राम जपे रावण जपता ऐसा देव न मिल सकता,

देवो को अमृत है दिया विश का प्याला खुद है पिया,

देव असुर दोनों ही मनाये महिमा शिव भोले की गाये,

कण कण में भोले है समाये,

बम भोले बम बम भोले,

जो कोई कर नहीं सकता चुटकी भजा के ये करता,

सारी श्रिस्ति का चालक अपने भक्तो का पालक,

ब्रह्मा का भी लेख मिटा दे मरे हुए को पल में जिला दे,

फीके है सब इसके आगे,

बम भोले बम भोले.....

भटक रहा तू क्यों दर दर आखिर मंजिल इसका दर,

श्याम कहे शिव का बन जा जीवन मृत्यु से तर या,

एहि सबका संकट टाले जीवन नैया करदे हवाले,

बम भोले बम बम भोले....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।