भोले ओ भोले आया दर पे तेरे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले ओ भोले,

आया दर पे मेरे सिर पे,

ज़रा हाथ तू फिर दे,

मेरे भाग को जगा दे,

सारे जग का तू विदाता कहते है लोग सारे देवो में महा देवा,

सब वश में है तुम्हारे

तू तो बाबा अंतर यामी मेरी पीड़ा क्यों नहीं जानी भेद है क्या बतला दे,

ज़रा हाथ तू फिर दे मेरे भाग को जगा दे,

तू करता तू धर्ता तू ही संगार करता,

सुनता हु मैं दर पे सबका ही काम बनता,

ओ केलशी ओ अविनाशी,

मेरी अँखियाँ फिर क्यों प्यासी,

प्यास तू इनकी भुजा दे,

ज़रा हाथ तू फिर दे मेरे भाग को जगा दे,

श्रिस्ति के कण कण में बस तेरा ओमकारा,

सबको तू प्यार करता क्या मैं नहीं हु प्यारा,

हाथ जोड़ कर तुम मनाऊ,

कैसे भोले तुझको पाउ श्याम को ये बतला दे,.

ज़रा हाथ तू फिर दे मेरे भाग को जगा दे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।