बेटा कहता बाप से तेरी क्या औकात

रघुविन्दर यादव,नारनौल(हरियाणा)
श्री गणेश भजन विविध भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

नई सदी से मिल रही यह कैसी सौगात l

बेटा कहता बाप से तेरी क्या औकात ॥

पानी आंखो का मरा मरी शर्मा और लाज ।

कहे बहू और सास से घर में मेरा राज ॥

भाई भाई करता नहीं भाई पर विश्वास ।

बहन पराई हो गई साली खासमखास ॥

मंदिर में पूजा करें घर में करें क्लेश ।

बाप तो बोझा लगे पत्थर लगे गणेश ॥

बचे कहां अब शेष हैं दया धर्म ईमान ।

पत्थर के भगवान हैं पत्थर दिल इंसान ॥

पत्थर के भगवान को लगते छप्पन ।

भोग मर जाते फुटपाथ पर भूखे नंगे लोग ॥

फैला है पाखंड का अंधकार चहुँ ओर ।

पापी करते जागरण मचा मचा कर शोर ॥

पहन मुखौटा धर्म का करते दिन-भर पाप ।

भण्डारे करते फिरें घर मे भूखा बाप ॥

रचना:रघुविन्दर यादव,नारनौल(हरियाणा)

स्वर:गिरधर महाराज,भाटापारा(छत्तीसगढ़)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।