गौ माता की सेवा करले

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सो तीरथ का पुण्य मिलेगा मिलेगा हर दुःख से आराम,

गौ माता की सेवा करले समज ले होंगे चारो धाम,

जिसने गौ की सेवा कर्ली वो जीवन तो निहाल,

गौ पालन से ही कन्हियाँ कहलाये गोपाल है,

गौ माता से प्रेम तू करले तेरे हो जाये गे श्याम,

गौ माता की सेवा करले समज ले होंगे चारो धाम,

जिसके एक स्पर्श से होता कितने ही पापो का नाश ,

देवी देवता नदियां तीरथ करते जिसमे हर पल वास,

वेद पुराण और संत मुनि भी करते है जिसको परनाम,

गौ माता की सेवा करले समज ले होंगे चारो धाम,

चाह कर भी तू भुला सके न गौ माता के एहसान को,

पूजना है तो पूज तो सोनू धरती के भगवन को,

जय गौ माता जय गोपाल रट ते रहो सुबह शाम,

गौ माता की सेवा करले समज ले होंगे चारो धाम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।