दानी हो कर क्यों चुप बैठा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दानी हो कर क्यों चुप बैठा ये कैसी दातारि रे,

श्याम बाबा तेरे भक्त दुखारी रे,

दिन फलके जो वृक्ष सोहे बिन बनते नारी रे,

श्याम बाबा तेरे भक्त दुखारी रे,

श्याम सूंदर ने खुश हो कर तुझे अपना रूप दिया है,

और हमने इस रूप का दर्शन सो सो बार किया है,

हमरे संकट दूर न हो तो यो बदनामी थी रे,

श्याम बाबा तेरे भक्त दुखारी रे,

ना चाहु मैं हीरे मोती ना चाहु मैं सोना,

मेरे आँगन भेज दे दाता तुझसे एक सलोना,

हम को क्या जो वन उपवन में फूल रही फुलवाड़ी रे,

श्याम बाबा तेरे भक्त दुखारी रे,

जब तक आशा पुराण ना हो दर से हम न हटे गे,

सब भगतो को बहका देंगे हु भी नाम ना लेंगे,

सोच ले तू भक्तो का पलड़ा सदा रहा बाहरी रे,

श्याम बाबा तेरे भक्त दुखारी रे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।