पिला दे सांवरिया अपने नाम की मस्ती

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरे हवाले करदी मैंने अपनी जीवन हस्ती,

पिला दे सांवरिया अपने नाम की मस्ती,

मैं तेरे चरणों में आया मन में लेकर आशा,

जी भर मुझे पीला दे बाबा ना जाऊ मैं प्यासा,

दाम की मुझको फ़िक्र नहीं महंगी हो या सस्ती,

पिला दे सांवरिया अपने नाम की मस्ती

हमने सुन रखे है मखाने के डंग निराले,

श्याम बहादुर अल्लू सिंह पी कर हो गए मतवाले,

मिला मुझे तू मये ऐसी पार लगे गई कश्ती,

पिला दे सांवरिया अपने नाम की मस्ती

ये ही है अरदास दास की तीन बाण के धरी,

ऐसी मुझे पिलाना उतरे पूरी उम्र खुमारी,

बिना पिया न जाए वनवरा मिट जाये चाहे हस्ती,

पिला दे सांवरिया अपने नाम की मस्ती

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।