पंछी रे उड़ चल अपने देश

बाबा रसिका पागल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

पंछी रे पंछी रे

उड़ चल अपने देश ओ रे पंछी रे,

जगत तो है प्रदेश पंछी रे उड़ चल अपने देश,

जग प्रदेश से उड़ना है तुझको.

प्रभु चरणों में जुड़ना है तुझको,.

आया तेरा सन्देश पंछी रे,

ऐ पंछी तेरा देश पराया,

आया वाहसे वही पे ऊजाया,

हे पंछी तेरा देश पराया,

जाए वही यहाँ से तू आया,

आया तेरा आदेश पंछी रे,

उड़ चल अपने देश.....

ऐ पंछी तेरी दर्द कहानी प्रदेश ने तेरी कदर न जानी

बन गया निठुर विदेश पंछी रे.

उड़ चल अपने देश.....

तेरे बिन लागे न मन तेरे बिन जीना भी क्या,

तेरे बिन जीना भी क्या क्या क्या,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।