हमारा घर भी खाटू में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हमारा घर भी खाटू में बना देते तो क्या होता,

शरण में हम को ऐ कान्हा जगह देते तो क्या होता,

हमारा घर भी खाटू में बना देते तो क्या होता,

पडोसी तेरे हो जाते ये किस्मत ही बदल जाती,

बिना कोई सहारे के हमारी नाव चल जाती,

जो माझी बन के नैया चला देते तो क्या होता,

हमारा घर भी खाटू में बना देते तो क्या होता,

नहीं समजे हमे अपना तुम्हारी क्या थी मज़बूरी,

क्या अपनों से भला कोई कभी कोई रखता है दुरी,

यही पे होली दिवाली मना लेते तो क्या होता,

हमारा घर भी खाटू में बना देते तो क्या होता,

तुम्हारा क्या बिगड़ जाता तेरी सेवा ही करते हम,

नहीं समजे हमे लायक पवन को यही है गम,

के इसका भी हमे कान्हा बना देते तो क्या होता,

हमारा घर भी खाटू में बना देते तो क्या होता,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।