ये माना बालाजी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

ये माना बालाजी दिलदार तुम हो,

मगर दिल लुटाने में हम कम नहीं है,

तुमसे ही लेकर तुम पे लुटाये,

मगर दिल लुटाने में हम कम नहीं है,

हमारी कहानी तुम्हे क्या सुनाये,

रो रो के हमने दिन है बिताये,

की तेरी कसम हम सच कह रहे है,

तुम्हारे से बढ़ कर कसम ही नहीं है,

ये माना बालाजी .......

तुम को ही चाहा तुम को ही धाया,

खुद भूखे रह कर तुझको खिलाया,

की एक दिन जरा सा भूखे रह के देखो,

कहो गए के हमरे कदम ही नहीं है,

ये माना बालाजी...

ये माना तुम्हरा सब कुछ दिया है,

प्रेम भी हमने तुमसे किया है,

इक बार प्रेम को दर्श दे के देखो,

कहो गए तुम भी कुछकम नहीं होइ,

ये माना बालाजी .....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।