दर तेरे आया साईं

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

दर तेरे आया साईं राम जग ने सताया साईं राम,

शिर्डी में तूने कुछ दिए थे वचन,

मुझे क्यों भुलाया साईं राम,

जग ने सताया साईं राम,

तू है मेरा दाता सारे जग का विदाता है,

जनता है तू की तेरा मेरा कैसा नाता है,

तेरा दास हो कर बे सहरा मैं बना,

मैंने दिल लगाया साईं राम,

जग ने सताया साईं राम...

चुप क्यों बेठा साईं अब तो कुछ बोल दे,

ताले साईं दिल के अब तू साईं खोल दे,

भक्तो को साईं सिर्फ तेरा आसार,

आस क्यों लगाया साईं राम,

जग ने सताया साईं राम,

झगडा है तेरा मेरा तुझे निपटाना है,

सोई है जो किस्मत साईं आज जगाना है,

तेरा हु सिर्फ साईं तेरा ही रहू,

लगन लगाया साईं राम

जग ने सताया साईं राम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।