तेरे बिन सुनी सुनी है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरे बिन सुनी सुनी है रहे,

सँवारे बनवारी सुना दिल मेरा,

सुनी निगाहे सँवारे बनवारी,

तेरे बिन सुनी सुनी है रहे,

गुलशन गुलशन कलियाँ कलियाँ गोकुल यमुना कुञ्ज की गलियां,

सुनी सुनी मेरी दिल की आहे,

तेरे बिन सुनी सुनी है आहे,

सांवरे बनवारी.....

दिल है मेरा तन्हा तन्हा सदियों जैसे बीते लम्हा,

तेरी यादो की शाई घटाई सांवरे बनवारी,

सुना दिल मेरा सुनी निगाहे सांवरे गिरधारी,

तेरे बिन सुनी सुनी है राहे...

हाल ये दिल का किसको सुनाऊ,

बन बन पगली दर दर जाऊ,

कोई सुनता न मेरी सदाये सांवरे गिरधारी,

सुना दिल मेरा सुनी निगाहे सांवरे गिरधारी,

तेरे बिन सुनी सुनी है राहे...

कृष्ण मेरी अँखियाँ प्यासी दिखला दे तू झलक ज़रा सी,

थामलो आके जोति की बाहे,

सांवरे गिरधारी,

सुना दिल मेरा सुनी निगाहे सांवरे गिरधारी,

तेरे बिन सुनी सुनी है राहे...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।