सुनले बाबा बात मेरी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सुनले बाबा बात मेरी कानो में तेरे पड़ जाये,

कैसा हो अगर मंदिर तेरा थोड़ा सा बढ़ जाये,

श्याम प्रभु तेरे प्रेमियों का हम करते समान है,

पर विस्तार हो मंदिर का हम सब का ये अरमान है,

ऐसे हो दर्शन के हर एक प्रेमी खुश हो कर जाये,

कैसा हो अगर मंदिर तेरा थोड़ा सा बढ़ जाये,

तू भी देख सके हमको और हम भी तुझको देख सके,

इतना बड़ा हो मंद के हम झुक के माथा टेक सके,,

ले फटकारा मोर छड़ी का बात हमारी बन जाये,

कैसा हो अगर मंदिर तेरा थोड़ा सा बढ़ जाये,

आओ मिल कर कदम बढ़ाये ले जैकारा श्याम का,

राज जो इतना कर न सके तो प्रेमी किस काम का,

क्या कुछ ना हो सकता अगर ये प्रेमी ज़िद पर अड़ जाये,

कैसा हो अगर मंदिर तेरा....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।