ले भोले का नाम काहे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ले भोले का नाम काहे दर दर भटके,

पायेगा आराम काहे दर दर भटके,

विष पी कर जो अमृत भानटे,

विपदा सब भक्तो की काटे,

सब से बड़ा धनवान वही है,

शिवशंकर भगवान वही है,

कर उसको परनाम काहे दर दर भटके....

सबके है जो पालनहारे,

भेखटके जा उनके दवारे,

देख दया की खान वही है,

देने वाला दानी वही है,

बन जाएगा काम काहे दर दर भटके....

ले भोले का नाम...

गली गली खाये जा ठोकर,

रूत गये जो भोले शंकर,

कोई करे गा मान नहीं है,

यानी फिर कल्याण नहीं है,

हो कर के बदनाम काहे दर दर भटके,

ले भोले का नाम...

वो तो है वरदानी जिनको ढूंढ रहा है प्राणी,

भट तू ले पहचान वही है शिव शंकर भगवान वही है,

कृष्ण बने कभी राम कहे दर दर भटके,

ले भोले का नाम...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।