मैं जीवा बाबाजी तेरे नाम दे सहारे

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मैं जीवा बाबाजी तेरे नाम दे सहारे,

जेड़े तेरे दर ते आउंदे,

करके दर्शन पाप मुकांदे,

कई वेखे अजब नज़ारे,

मैं जीवा.......

भागा वाले नाम ने पौंदे,

दुःख दरदा तो खेडा पौंदे,

रह गए ने औंगण हारे,

मैं जीवा......

सच्चे मनो जो सिमरन करदे,

हर वेले ओ हसदे रेह्न्दे,

मूक जान 84 गेडे,

मैं जीवा......

धर्मराय जदों ने लेखा लेना,

तिल तिल दा लेखा देना पेना,

ओथे हों गे गुरु प्यारे,

मैं जीवा......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।