जय श्याम बोल

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जय श्याम बोल जय श्याम बोल ,

पावन नाम यही है सबसे,

है अनमोल है अनमोल,

जय श्याम बोल जय श्याम बोल

जितनी कमा ले माया साथ न जानी,

भेदो में पुराणों में है इसकी कहानी,

तू भी मान ले बात मन की,

आंखे तू खोल आंखे तू खोल,

पीछा न छोड़ेगा ये कर्मा का लेखा,

कब तक रहे गा प्राणी तू अनदेखा,

अपना धीरज कभी न करना तू डामा डोल,

जय श्याम बोल जय श्याम बोल,

सोचे रहा हु कौन देख रहा है,

उसकी निगहाओं से पर कौन बचा है,

उसकी आँखों में रहती हर पल सारी भूगोल,

जय श्याम बोल जय श्याम बोल

चार दिनों का जीवन जान ना पाया,

एक बचा है तीन तूने बिताया,

थोड़ा घर में कमा ले ये माटी में रोल

पावन नाम यही है सबसे

जय श्याम बोल जय श्याम बोल

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।