हम भिखारियों से रिश्ता पुराना है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हम भिखारियों से रिश्ता पुराना है,

हमे सदा तुमसे मांग कर के खाना है,

रोज रोज भीख बाबा दर पे हो बाँट ते,

हस्ते रहते हो सदा किसी को न दाँतते,

कभी खाली हुआ न खजाना है,

हमे सदा तुमसे मांग करके खाना है,

हम भिखारियों से रिश्ता

बड़ा दिल करके राह मंगतो की देखते,

मांगते भी दर पे तेरे माथा भी टेक ते,

हर मंगता तेरा ही दीवाना है,

हमे सदा तुमसे मांग कर के खाना है,

हम भिखारियों से रिश्ता

तेरे ही मंगते कभी दर दर ना मांग ते,

रात रात भर तेरी चौखठ पर जाग ते,

हर जररूत पे दर खट खटना है,

हमे सदा तुमसे मांग कर के खाना है,

हम भिखारियों से रिश्ता

युगो युगो से श्याम हम को हो पाल ते,

दर पे जो आये उसे खाली ना टाल ते,

रोमी मंगतो को कैसा शर्माना है,

हमे सदा तुमसे मांग कर के खाना है,

हम भिखारियों से रिश्ता

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।