नैन तेरे है कजरारे और घुंगराले बाल

पारंपरिक
महादेव भजन कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

नैन तेरे है कजरारे और घुंगराले बाल,

रूप तुम्हारा देख के मोहन हाल हुआ बेहाल,

अधरों पे तेरे मुरली सोहे राधा रानी साथ है,

वाह वाह क्या बात वाह वाह क्या बात है,

रूप तुम्हारा देख के मोहन चाँद सितारे शरमाये,

संवारिये से मिलने देखो सभी देवता है आये,

भोले बाबा डमरू बजाये ब्रह्मा विष्णु साथ है,

वाह वाह क्या बात वाह वाह क्या बात है,

कितनी सोहनी कितनी प्यारी तेरी छवि ये लगती है,

धरती की सारी उपमा तेरे आगे फीकी लगती है,

सभी देवता तुझपर करते फूलो की बरसात है,

वाह वाह क्या बात वाह वाह क्या बात है,

नंदलाला का दर्शन करने आये भक्त हज़ार है,

श्याम कहे मुरलीवाला लुटा रहा भण्डार है,

जितना चाहो उतना लूटो कीर्तन की ये रात है,

वाह वाह क्या बात वाह वाह क्या बात है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।