किने रंगिया किने रंगिया दुपटा तेरा लाल

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

किने रंगिया किने रंगिया दुपटा तेरा लाल

मैया जी तेरा किने रंगिया

ये दुपटा तेरा राम जी ने रंगिया

रामजी ने रंगिया माँ सीता जी ने रंगिया

रंगिया लालो लाल मैया जी तेरा किने रंगिया

किने........

ये दुपटा तेरा श्याम जी ने रंगिया

श्याम जी ने रंगिया माँ राधा जी ने रंगिया

रंगिया लालो लाल मैया जी तेरा किने रंगिया

किने........

ये दुपटा तेरा शिवजी ने रंगिया

शिवजी ने रंगिया माँ गौरा जी ने रंगिया

रंगिया लालो लाल मैया जी तेरा किने रंगिया

किने........

ये दुपटा तेरा विष्णु जी ने रंगिया

विष्णु जी रंगिया माँ लष्मी जी ने रंगिया

रंगिया लालो लाल मैया जी तेरा किने रंगिया

किने........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।