एक दीवाना आया तेरे दर पे तेरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

एक दीवाना एक दीवाना आया तेरे दर पे तेरे,

अरे सांवरे सलोने कृष्ण कन्हियाँ दर्श दिखा दो मुझे बंसी बजाइयाँ,

एक दीवाना एक दीवाना आया तेरे दर पे तेरे,

पता तेरा मैं पुछु शहर की गलियों में,

नाम बदल कर बैठा है तू खाटू में,

मिल गए मुझको सोहन लाल लुहाकर जी,

पता दिया तू रहता गाँव खाटू में,

अरे सांवरे सलोने कृष्ण कन्हियाँ,

दर्श दिखा दो मुझे बंसी बजाइयाँ...

भेजी चिठ्ठी पत्र न सन्देश आया,

यही सोच के मेरा मन तो गबराया,

ध्वजा हाथ में लेकर फिर लखा आया

पकड़ा मेरा हाथ खाटू पोहचाया,

अरे सांवरे सलोने कृष्ण कन्हियाँ,

दर्श दिखा दो मुझे बंसी बजाइयाँ...

बनके भिखारी भटकु सुबहो शाम से,

सजन मिलाये कोई मुझको श्याम से,

सुन ली करूँ पुकार मिल गये नंदू जी,

अब कह दे दिल की बात दीपा श्याम से,

ओ सांवरे सलोने कृष्ण कन्हियाँ दरस दिखा दो बंसी बजैया,

अरे सांवरे सलोने कृष्ण कन्हियाँ,

दर्श दिखा दो मुझे बंसी बजाइयाँ...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।