पहन जिसे आज मैं नाचू

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अरे रंगरेज रंग दे तू कन्हैया के नाम का इक चोला,

पहन जिसे आज मैं नाचू,

जिसे राधा ने पेहना जिसे कर्मा ने पेहना था,

पेहना जिसको नरसी ने,

मुझे भी आज रंग दे रे,

तू वैसा श्याम का इक चोला,

पहन जिसे आज मैं नाचू,

बजरियाँ बीच नाचे वो जिह्नों ने पहन कर देखा,

बन गये सारे दीवाने वो,

निहारे श्याम भी जिसको बना दे श्याम का एक चोला,

पहन जिसे आज मैं नाचू,

बड़े ही नाज से मैं भी पहन कर श्याम का चोला,

गुमु सारे ज़माने में तमना हर्ष की की भी है,

रंगीले श्याम का एक चोला,

पहन जिसे आज मैं नाचू,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।