जब सिर पर तेरा हाथ

पारंपरिक
श्री राम भजन गुरुदेव भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

जब सिर पर तेरा हाथ नाथ मैं क्यों डोलू,

जब मिल गया तेरा साथ नाथ मैं क्यों डोलू,

ये नैया राम हवाले है,

पग पग पर आप सम्बाले है,

मेरी टेक एक रघुनाथ नाथ मैं क्यों डोलू,

जब सिर पर ....

तू रहबर है तो किस का दर है,

पग पग पर स्वामी इश्वर है,

मेरी बिगड़ी बना दो बात नाथ मैं क्यों डोलू,

पंहुचा दे कभी किसी ताता पर,

जीवन घट पर या मरघट पर,

सब और तेरा है साथ नाथ मैं क्यों डोलू,

जग रूठा हो तो रुठन दे,

पर अपनी तार ना टूटन दे,

निर्दोष तुम ही पिट्टू मात नाथ मैं क्यों डोलू,

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Babita Sikhini....9729376232

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।