चिठ्ठी लिख दी किशोरी जी के नाम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

चिठ्ठी लिख दी किशोरी जी के नाम,

भुला लो मुझे बरसाना,

हो ना जाये जीवन की शाम,

वसा लो मुझे बरसाना,

लिख डाला मोहपे क्या क्या बीती,

एक एक लिख दी गलती जो की थी,

अब कुछ भी हो अंजाम भुला लो मुझे बरसाना,

हो ना जाये जीवन की शाम,

तेरी मेरी प्रीत न हो जग ज़ाहिर,

ब्रिज मंगल से निकलू जो बाहर,

छूट जाए मेरे तन सो प्राण,

भुला लो मुझे बरसाना,

हो ना जाये जीवन की शाम,

जग में रहकर भजन ना हॉवे,

दुनिया से हरिदासी रोवे,

मेरी विनती ली जियो मान वसा लो मुझे बरसाना,

हो ना जाये जीवन की शाम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।