नही मिलदा सोहना सावल यार सब नु नही मिलदा

सर्व मोहन (टीनू सिंह)
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नही मिलदा सोहना सावल यार सब नु नही मिलदा,

मेरा बांके बिहारी लाल सब नु नही मिलदा,

मेरा राधा भलव लाल सब नु नही मिलदा,

कर्मा वाले ही करदे ने ठाकुर दा दीदार सब नु नही मिलदा,

वे मौते ही मरना पेंदा शीश तली ते धरके,

अपने हथी करना पेंदा अपने उते वार,

सब नु नही मिलदा,

नही मिलदा सोहना सावल यार सब नु नही मिलदा

मीरा वंगु जीना पेंदा ज़हर प्याला पी के,

गल विच नाग भी पाने पेंदे जान फुला दे हार

सब नु नही मिलदा,

नही मिलदा सोहना सावल यार सब नु नही मिलदा

धने दी भगति दे सदके ठाकुर दे हाथ बने,

अर्श विचो चल के आया जग दा पालनहार,

सब नु नही मिलदा,

नही मिलदा सोहना सावल यार सब नु नही मिलदा

शांत जे ठाकुर न मिलान आई चुस्त चलाकी छड़दे,

मनो हटके मैं ता पर्दा अंदर चाती मार,

सब नु नही मिलदा,

नही मिलदा सोहना सावल यार सब नु नही मिलदा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।