प्रेम की बात निराली

पारंपरिक
हनुमान जी भजन कृष्ण भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

प्रेम की बात निराली,

जिसने प्रेम किया न श्याम से,

वो नर खाली है,

प्रेम की बात निराली

प्रेम किया मीरा बाई विष पी गई प्याली है,

धन्य जाट के होवष में प्रभु बन गया हारी है,

प्रेम की बात निराली....

प्रेम किया कर्मा बाई ने खीचड़ लयाई है,

श्याम खीचड़ो खा गया रे करदी थाली खाली है,

प्रेम की बात निराली.....

प्रेम किया बजरंग बलि ने पुंछ जला ली है,

प्रभु प्रेम बजरंग ने थोड़ा गिरी उठा ली है,

प्रेम की बात निराली.....

कृष्ण सुदामा की प्रेम कथा तो अज़ब निराली है,

हाल सुदामा का देखा अँखियाँ भर आ ली है,

प्रेम की बात निराली.....

खाटूवाले श्याम धनि की महिमा भारी है,

दीं दयालु दाता ये बगियाँ का माली है,

प्रेम की बात निराली.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।